District Court Durg (C.G.)
District Court Durg (C.G.)
District Court Durg (C.G.)
District Court Durg (C.G.)

Mediation Center

"A dispute is a problem to be solved together, rather than a combat to be won."

हमें वर्तमान की हवाओं से भ्रमित नहीं होना चाहिए,

साथ ही उसमें इतिहास की गरिमाऐं भी होनी चाहिए ।

इतिहास की गरिमा आर्बिटेशन है,

तथा वर्तमान की हवा, मध्यस्थता है ।

Durg Mediation Centre is an initiative of the High Court of Chhattisgarh. It has been conceived as a project for giving effect to Section 89 of the Code of Civil Procedure which provides for Mediation as an Alternative Dispute Resolution mechanism. The project is implemented with the support of the Advocates Bar Association, Durg . It facilitates court-annexed mediation by trained Judicial Officers and advocate-mediators.

 

S.No. Name of trained mediator Judicial officer  
1

Shri Mansoor Ahmed,

Presiding Offier Mediation Center

Special Judge Under S.C.S.T. (P.A.) Act     

Durg (C.G.)

 

2

Smt. Garima Sharma,

IV Additional District and Sessions Judge,

Durg (C.G.)

 

STATEMENT OF MEDIATION CASES FOR

THE QUARTER ENDING APRIL 2018 TO JUNE 2018

No

District

Mediation

Center

Name of

trained mediator

Judicial Officer

Refer Settled Not Settled Non Starter Pending %of successful Mediation
1 Durg Shri Mansoor Ahmed 27 6 15 - 6 22.22
2 Durg Smt. Garima Sharma Judicial Officer took training in July 2018 - - - - -

 

Proforma B

No

District

Mediation

Center

Name of

trained mediator

Advocate

Refer Settled Not Settled Non Starter Pending %of successful Mediation
1 Durg Shri A.K. Jaiswal 3 1 2 Nil 0  
2 Durg Shri S.S. 3 0 2 Nil 1  
3 Durg Smt.Ramkali Yadav 2 0 2 0 0  
4 Durg Shri Sanjay Agrawal 0 0 0 0 0  
5 Durg Shri A.Singh 0 0 0 0 0  
6 Durg Shri P.Swarnkar 0 0 0 0 0  

 

10 Raasons to Keep Out of Court

  1. Focus is on resolution, not battle
  2. Create win-win agreements
  3. Avoid unpredictable outcomes
  4. Costs far less than litigation
  5. Go at your own pace
  6. Improve communication
  7. Preserve ralationships
  8. Maintain your privacy
  9. Tell your story and be heard
  10. Less stress - No judges or juries

 

मध्यस्थता क्या है?

शांति बनाते हुये, शांति का निर्माण करना, तनाव कम करना, आपसी संवाद बढाना, आपसी समझ बढाना, सूचनाओं का आदान प्रदान करना तथा समाधान का हल निकालना ।  यह एक प्रक्रिया है ।

शुरु में लोग यह मानने से इंकार कर देते हैं, कि कोई नई चीज की जा सकती है, तब वह यह आशा करना स्वीकार करते हैं कि कुछ किया जा सकता है तब वह देखते हैं हां यह किया जा सकता है, तब वह हो जाताहै जिसका इन्तजार था, तब दुनिया यह कहती है कि यह तो कई वर्षों पूवर् ही कर लिया जाना था, इसे पहले क्यों नहीं किया गया । यह होती है मध्यस्थता ।

वकीलों के लिए मार्गदर्शन

मेरे लिये आनन्द की कोई सीमा नहीं थी, मैने कानून की प्रेक्टिस का सही अर्थ जाना है ।

मैने मनुष्य के स्वाभाव के अच्छे पहलू का अध्ययन किया तथा उसके दिल में उतरने का अध्ययन किया ।

मैने यह जाना कि वकील का सच्चा कर्तव्य निर्वहन, थके हुए और परेशान पक्षकारों को आपस में जोड़ने में है, लड़ाने में नहीं ।

यह सीख मेरे जीवन में इतनी अक्षय एवं अमिट नहीं कि मेरे लम्बे जीवन को 20 वर्ष की वकालत की प्रैक्टीस में वकील के रुप में मैने सैकड़ो मामले आपसी निजी समझौते के रूप में कराया, तथा इसमें मैने कुछ नहीं नहीं खोया । न ही धन, न ही अपनी आत्मा ।

- मोहनदास करमचंद गांधी

 

Chhattisgarh Mediation Rules 2015