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District Court Of India

Ujjain

उज्जैन जिला भूतपूर्व ग्वालियर राज्य के अंतर्गत शासित होता था। ग्वालियर राज्य की न्यायिक पद्धत्ति के अंतर्गत सन् 1853 में ईजारेदारों की शक्तियों समाप्त कर हर परगने और जिले में क्रमशः कमाशदार और सूबा नियुक्त किए गए जो अपने क्षेत्रों में न्यायिक शक्तियों का प्रयोग करते थे। वर्ष 1907 में ग्वालियर रियासत के अंतर्गत लश्कर (ग्वालियर) में एक मुख्य न्यायालय तथा उसके नीचे प्रांत न्यायाधीश का न्यायालय जिला मुख्यालय उज्जैन में स्थापित किया गया। इस न्यायालय को सिविल तथा आपराधिक शक्तियों प्राप्त थी जो पचास हजार रूपये से अनाधिक मूल्य के मामलों में क्षेत्राधिकार रखते थे। आपराधिक मामलों में यह सत्र न्यायालय था तथा अधीनस्थ मजिस्ट्र्ेट पर यह सामान्य पर्यवेक्षण तथा नियंत्रण रखता था। अपीलीय क्षेत्राधिकार में सदर अमीन (सिविल) तथा सूबा या जिला मजिस्ट्र्ेट से प्राप्त अपीलों की सुनवायी करते थे। जिला स्तर पर अन्य महत्वपूर्ण न्यायालय सिविल कार्यो के लिए सदर अमीन कार्यालय उज्जैन तथा आपराधिक कार्यो के लिए जिला मजिस्ट्रे्ट (सूबा) न्यायालय उज्जैन थे।

आजादी के पश्चात ग्वालियर रियासत मध्य भारत में विलीन हो गई और मध्य भारत के काम में उज्जैन में वर्ष 1949 में जिला एवं सत्र न्यायाधीश उज्जैन के नाम से न्यायालय का गठन हुआ तथा अन्य सिविल और मंुसीफ न्यायाधीश की न्यायालय गठित हुई।

पूर्व में न्यायालय भवन ग्वालियर रियासत के महाकाल मंदिर क्षेत्र में स्थित भवन जिसे महाराजवाड़ा के नाम से जाना जाता है, में स्थापित था, जिसे वर्ष 1944 में महाराजवाडा भवन से जिला एवं सत्र न्यायालय को ग्वालियर रियासत की ही कोठी पैलेस भवन में स्थानांतरित किया गया। तब से इसी भवन में जिला न्यायालय कार्यरत है तथा इसी भवन में प्रशासकीय एवं पुलिस अधिकारियों के भी कार्यालय है।

अभिभाषकगण से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 1944 में कोठी पैलेस में जिला एवं सत्र न्यायालय प्रारंभ होने के समय जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री के0ब्ही0 पाटिल थे। मण्डल अभिभाषक संघ उज्जैन के प्रथम अध्यक्ष वर्ष 1932 में श्री सच्चिदानंद थे। मण्डल अभिभाषक संघ उज्जैन के सदस्यों में से म0प्र0 उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति के पद पर स्व0 श्री शंकरप्रसादजी भार्गव, स्व0 न्यायमूर्ति श्याम स्वरूप जी शर्मा और स्व0 न्यायमूर्ति श्री अब्दुल गयूर कुरैशी पदस्थ हुए। स्व0 श्री लक्ष्मण प्रसादजी भार्गव, जो कि जिला उज्जैन अभिभाषक संघ के सदस्य थे, बार काउंसिल आॅफ इंडिया के अध्यक्ष भी रहे है।

वर्तमान में जिला न्यायालय वर्तमान में नई अदालत भवन में चल रहा है। नई न्यायालय भवन का उद्घाटन मध्य प्रदेश के माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री अजय माणिकराव खानविलाकर जी द्वारा 20 मार्च 2016 को किया गया।